सफलता
के लिए किया गया तुम्हारा अपना संकल्प किसी
भी और संकल्प से ज्यादा महत्त्व रखता है। यदि तुम
सफलता प्राप्त करना चाहते हो तो अपना एक लक्ष्य बनाओ
। तुम सिर्फ वो करो जो करना तुमको अच्छा लगता
है और जिसमें तुमको विश्वास है, ऐसा करने से
खुद-बखुद तुमको सफलता मिल जाएगी। यही सफलता का मन्त्र है। यह परम सत्य जान लो कि सफल होने के लिए, सफलता की इच्छा, असफलता के भय
से अधिक होना तथा असफल होने पर भी कभी उत्साह नहीं खोना
एकदम जरुरी है। धैर्य के माध्यम
से तुम उन परिस्थितियों
में भी सफल हो जाओगे जब
तुम असफलता की ओर बढ़ रहे होगे । दृढ रहने की इच्छाशक्ति
को जन्म दो क्योंकि दृढ रहने की इच्छाशक्ति
अक्सर सफलता और असफलता के बीच का अंतर होती है।
मुश्किलें वो चीज़े होती है जब तुम्हारा ध्यान लक्ष्य पर नहीं होता है । लेकिन दुखद बात
यह है कि विपरीत
परिस्थितियों में कुछ लोग टूट जाते हैं - आदिश्री अरुण
सफलता किस प्रकार प्राप्त करें ?
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